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सारा अम्बर सो जाता है 

सारी धरती रुक जाती है 

जब याद तुम्हारी आती है

एक गुलाब महकने लगता है 

हर फूल चहकने लगता है 

सारी क्यारी मुस्काती है 

जब याद तुम्हारी आती है

दो पहर को चैन नहीं 

जब नैनो को मिलते नैन कहीं

सुकून के हर लम्हे में 

एक बेचैनी भर जाती है 

जब याद तुम्हारी आती है

दिन बन जाता है सोने का

रात चांदी बिखराती है

जब याद तुम्हारी आती है 

क्या कहूं कि कैसे जीता हूँ

बस सपनो को आखों में पी लेता हूँ

जिंदगी तो यूँ भी गुजरती जाती है

पर बड़ा सुकून सा मिलता है

जब याद तुम्हारी आती है

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